द्रवित पेट्रोलियम गैस(एलपीजी) हल्के हाइड्रोकार्बन यौगिकों का एक मिश्रण है। LPG को रसोई गैस के रूप में अधिक जाना जाता है।एलपीजी में मुख्य रूप से ब्यूटेन या प्रापेन या दोनों का मिश्रण होता है। कमरे के तापमान पर दोनों गैसें रंगहीन और गंधहीन होती हैं। प्रापेन का अपना क्वथनांक -42 डिग्री सेल्सियस और ब्यूटेन का अपना क्वथनांक -0.5 डिग्री सेल्सियस है।
इन गैसों को पेट्रोलियम गैसें कहते हैं। इन गैसों को उच्च दबाव पर संपीडित करके द्रव में बदला जाता है तो इसे द्रवित पेट्रोलियम गैस (LPG) कहा जाता है। द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) एक ऐसा ईंधन है जो ऊर्जा प्रदान करता है। एलपीजी हमारे दैनिक जीवन में इसका उपयोग खाना पकाने, हीटिंग और गर्म पानी के लिए कई घरेलू उपकरणों में किया जाता है। इसे द्रवीकृत गैस इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह आसानी से तरल में परिवर्तित हो जाती है।
द्रवित पेट्रोलियम गैस का पूरा नाम
द्रवित पेट्रोलियम गैस /द्रवरूप पेट्रोलियम गॅस का पूरा नाम “लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस” (Liquefied Petroleum Gas) है, जिसे संक्षेप में एलपीजी (LPG) कहा जाता है। यह गैस मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन गैसों के मिश्रण से बनती है, जो सामान्य तापमान और दबाव पर गैसीय रूप में होती हैं। जब इन गैसों को उच्च दबाव पर संग्रहीत किया जाता है, तो वे तरल में परिवर्तित हो जाती हैं, जिससे उनके परिवहन और भंडारण में आसानी होती है।
द्रवित पेट्रोलियम गैस | द्रवरूप पेट्रोलियम गॅस कैसे बनती है?
द्रवित पेट्रोलियम गैस(एलपीजी) के बारे में साधारण जानकारी के बाद अब बात करते हैं कि एलपीजी कैसे बनती है? द्रवित पेट्रोलियम गैस किसका मिश्रण है और द्रवित पेट्रोलियम गैस का निर्माण कैसा होता है? इस बारे में विस्तार से बात करते हैं।
द्रवित पेट्रोलियम गैस(एलपीजी) का निर्माण पेट्रोलियम की रिफाइनरियों में किया जाता है। रिफाइनरी में पेट्रोलियम को विभिन्न घटकों में अलग किया जाता है, जिसमें एलपीजी भी शामिल है। एलपीजी का निर्माण मुख्य रूप से पेट्रोलियम के दो घटकों, प्रोपेन और ब्यूटेन से होता है। ये घटक पेट्रोलियम में लगभग 10% तक पाए जाते हैं। एलपीजी का निर्माण करने की प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में होती है:
प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल का उत्पादन
प्राकृतिक गैस और कच्चा तेल, दोनों ही fossil fuels (जीवाश्म ईंधन) के रूप में जाने जाते हैं और दुनिया भर में ऊर्जा स्रोतों के प्रमुख रूप से उपयोग होते हैं। इनका उत्पादन भूमिगत स्रोतों से होता है, और यह स्रोत अक्सर बहुत गहरे होते हैं, जिन्हें निकालने के लिए अत्यधिक तकनीकी और इंजीनियरिंग कौशल की आवश्यकता होती है। आइए, इन दोनों के उत्पादन की प्रक्रिया और संबंधित तकनीकों के बारे में विस्तार से जानें।
1. प्राकृतिक गैस का उत्पादन
प्राकृतिक गैस मुख्य रूप से मीथेन (CH₄) गैस का मिश्रण होती है, जिसमें एथेन, प्रोपेन, ब्यूटेन और अन्य हाइड्रोकार्बन भी होते हैं। यह गैस पेट्रोलियम (कच्चे तेल) के साथ या स्वतंत्र रूप से गैस क्षेत्रों में पाई जाती है।
प्राकृतिक गैस के उत्पादन की प्रक्रिया:
- खनिज स्रोत: प्राकृतिक गैस खनिजों में उत्पन्न होती है, जो समुद्र के नीचे या महाद्वीपीय शेल्फ में होते हैं। ये गैस अक्सर कच्चे तेल के साथ एक ही स्थान पर पाई जाती है।
- गैस जमा क्षेत्र: गैस का संग्रह उन क्षेत्रों में होता है जहाँ गैस दबाव और तापमान के कारण एकत्रित होती है। यह गैस, पृथ्वी की परतों में उच्च दबाव और तापमान के कारण बनती है। गैस की परतें आमतौर पर चूना पत्थर, शेल या अन्य मिट्टी में बंद रहती हैं।
- खोदाई और ड्रिलिंग: प्राकृतिक गैस के खनन के लिए ड्रिलिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। ड्रिलिंग की प्रक्रिया में, एक गहरे बोरहोल के माध्यम से पृथ्वी की परतों को तोड़ा जाता है ताकि गैस को बाहर निकाला जा सके। यदि गैस तेल के साथ है तो उसे अलग करने के लिए अलग-अलग प्रक्रियाएँ अपनाई जाती हैं।
- प्रसंस्करण: खनन के बाद प्राकृतिक गैस को शुद्ध किया जाता है। इसमें अशुद्ध गैसों को हटाने के लिए कई प्रक्रियाएँ की जाती हैं, जैसे कि जल, कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य अशुद्धियों को अलग करना।
2. कच्चे तेल का उत्पादन
कच्चा तेल, जिसे क्रूड ऑयल भी कहा जाता है, एक जटिल मिश्रण होता है जिसमें हाइड्रोकार्बन के विभिन्न प्रकार होते हैं। कच्चा तेल पृथ्वी के नीचे से निकाला जाता है और इसका उपयोग ऊर्जा उत्पादन, पेट्रोकेमिकल उद्योग, और परिवहन में किया जाता है।
कच्चे तेल के उत्पादन की प्रक्रिया:
- तेल जमा क्षेत्र: कच्चा तेल आमतौर पर रेत, शेल, और चूना पत्थर के नीचे जमा होता है। जब इन क्षेत्रों में तेल दबाव के कारण एकत्रित होता है, तो यह प्राकृतिक जलाशयों में संचित हो जाता है।
- ड्रिलिंग और खनन: कच्चे तेल का उत्पादन करने के लिए गहरे कुओं (वेल) की ड्रिलिंग की जाती है। यह कुएं तेल के स्रोत तक पहुंचने के लिए भूमि या समुद्र तल के नीचे ड्रिल किए जाते हैं। समुद्र तल के नीचे तेल निकालने के लिए समुद्री प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाता है।
- तेल की निकासी: प्रारंभ में, प्राकृतिक दबाव द्वारा तेल बाहर आ सकता है। इसके बाद, जब प्राकृतिक दबाव कम हो जाता है, तो अतिरिक्त तेल निकालने के लिए पंपिंग या जल/गैस इंजेक्शन जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाता है।
- प्रसंस्करण और शोधन: कच्चे तेल में कई अशुद्धियाँ होती हैं, जिन्हें शोधन (refining) प्रक्रिया के माध्यम से निकाला जाता है। शोधन में तापमान और दबाव का इस्तेमाल करके तेल के विभिन्न भागों को अलग किया जाता है। इसके बाद, कच्चे तेल से पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, और अन्य उत्पाद बनाए जाते हैं।
द्रवित पेट्रोलियम गैस के घटक
द्रवरूप पेट्रोलियम गॅस के घटक (LPG) प्रोपेन और ब्यूटेन होते हैं। ये दोनों हाइड्रोकार्बन गैसें हैं जो प्राकृतिक गैस के प्रसंस्करण और कच्चे तेल के परिष्करण के दौरान प्राप्त होती हैं। एलपीजी(LPG) के घटक में इन दोनों गैसों का अनुपात स्थान और मौसम के अनुसार बदल सकता है।
| घटक | प्रतिशत | जानकारी |
| प्रोपेन | 43% | प्रोपेन एक तीन-कार्बन अणु है, जिसका उपयोग विशेष रूप से ठंडे मौसम में किया जाता है। |
| ब्यूटेन | 55% | ब्यूटेन एक चार-कार्बन अणु है, जो गर्म मौसम में अधिक उपयोग किया जाता है। |
| पेंटेन | 2% | पेन्टेन एक हाइड्रोकार्बन है। यह एक अल्केन है। |
| मीथेन | 1% | मीथेन एक रंगहीन तथा गन्धहीन गैस है जो ईंधन के रूप में उपयोग की जाती है। यह प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक है। |
| ईथेन | 1% | ईथेन एक हाइड्रोकार्बन है। यह एक एल्केन है |
द्रवित पेट्रोलियम गैस किसका मिश्रण है?
LPG कैसे बनती है? (LPG) मुख्य रूप से दो हाइड्रोकार्बन गैसों का मिश्रण है:
प्रोपेन:
- प्रोपेन एक तीन-कार्बन अणु है, जिसका उपयोग विशेष रूप से ठंडे मौसम में किया जाता है क्योंकि यह कम तापमान पर भी गैस अवस्था में रहता है।
- प्रोपेन तीन कार्बन और आठ हाइड्रोजन परमाणुओं का यौगिक है। यह एक रंगहीन और गंधहीन गैस है जो तरल अवस्था में संपीड़ित होती है। प्रोपेन का उपयोग घरेलू हीटिंग, खाना पकाने, और वाहन ईंधन के रूप में किया जाता है।
ब्यूटेन:
- ब्यूटेन एक चार-कार्बन अणु है, जो गर्म मौसम में अधिक उपयोग किया जाता है। यह प्रोपेन की तुलना में अधिक ऊर्जा प्रदान करता है, लेकिन ठंडे तापमान पर ठोस हो सकता है।
- ब्यूटेन चार कार्बन और दस हाइड्रोजन परमाणुओं का यौगिक है। यह भी रंगहीन और गंधहीन गैस है और तरल अवस्था में संपीड़ित होती है। ब्यूटेन का उपयोग सामान्यतः कैंपिंग स्टोव, लाइटर ईंधन, और एयरोसोल स्प्रे में किया जाता है।
द्रवित पेट्रोलियम गैस कैसे बनती है? (LPG) में इन दोनों गैसों का मिश्रण विभिन्न अनुपातों में होता है, जो स्थान, मौसम और उपयोग के अनुसार भिन्न हो सकता है। इसके अलावा, द्रवित पेट्रोलियम गैस (LPG) में गंधहीन प्रोपेन और ब्यूटेन को पहचानने के लिए एक गंध यौगिक जैसे कि एथिल मर्कैप्टन मिलाया जाता है ताकि किसी भी रिसाव को आसानी से पहचाना जा सके।
LPG के उपयोग
द्रवित पेट्रोलियम गैस(LPG) के घटकों के बाद अब (LPG) के उपयोग के बारे में बताते हैं। 1860 की शुरूआत में द्रवित पेट्रोलियम गैस का उपयोग पोर्टेबल ईंधन के रूप में किया जाता था। द्रवित पेट्रोलियम गैस के उपयोग (LPG) के कई तरह से होते हैं, जो घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों में व्यापक रूप से फैले हुए हैं। इसके कुछ प्रमुख उपयोग निम्नलिखित हैं:
घरेलू उपयोग:
- द्रवित पेट्रोलियम गैस (LPG) का सबसे सामान्य घरेलू उपयोग खाना पकाने के लिए होता है। यह रसोई में गैस स्टोव में ईंधन के रूप में प्रयोग होती है।
- ठंडे मौसम में घर को गर्म रखने के लिए हीटर में एलपीजी का उपयोग किया जाता है।
औद्योगिक उपयोग : कृषि उपयोग:
- कृषि उत्पादों को सुखाने और ग्रीनहाउस को गर्म रखने के लिए द्रवित पेट्रोलियम गैस(LPG) का उपयोग किया जाता है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की कमी होने पर खाना पकाने और हीटिंग के लिए (LPG) का उपयोग होता है।
परिवहन:
- कई देशों में ऑटोमोबाइल के लिए LPG एक वैकल्पिक ईंधन के रूप में उपयोग होती है। इसे ऑटो-गैस भी कहा जाता है।
- गोदामों और अन्य स्थानों में फोर्कलिफ्ट्स को ईंधन देने के लिए LPG का उपयोग किया जाता है।
द्रवित पेट्रोलियम गैस के लाभ | Benefits of द्रवरूप पेट्रोलियम गॅस
Liquefied Petroleum Gas(LPG) के कई लाभ हैं।LPG के उपयोग का घरेलू, व्यावसायिक, और औद्योगिक के लिए एक लोकप्रिय ईंधन के रूप में करते हैं। वित पेट्रोलियम गैस (LPG) के कुछ प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
स्वच्छ ईंधन
- (LPG) में उच्च ऊर्जा सामग्री होती है, जिससे यह बहुत कुशल ईंधन बनता है। यह खाना पकाने, हीटिंग और अन्य अनुप्रयोगों के लिए तेज़ और प्रभावी रूप से गर्मी प्रदान करता है।
- LPG का उपयोग घरों में खाना पकाने, हीटिंग और गर्म पानी के लिए, व्यवसायों में रेस्टोरेंट और होटलों के लिए, उद्योगों में विभिन्न प्रक्रियाओं के लिए, और कृषि में सुखाने और हीटिंग के लिए किया जाता है। यह परिवहन में भी वाहन ईंधन के रूप में उपयोगी है।
सुविधाजनक भंडारण
- (LPG) को आसानी से सिलेंडरों में भरा और ले जाया जा सकता है। इसकी पोर्टेबिलिटी इसे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग के लिए आदर्श बनाती है, जहां पाइपलाइन गैस की सुविधा नहीं होती है।
- LPG एक अत्यधिक सुरक्षित ईंधन है जब इसे सही तरीके से उपयोग और संग्रहित किया जाता है। इसके सिलेंडरों और टैंकों को सुरक्षा मानकों के अनुसार डिज़ाइन और निर्मित किया जाता है।
- LPG उपकरणों का रखरखाव सरल और सस्ता होता है। ये उपकरण लंबे समय तक चलते हैं और इनके संचालन और रखरखाव के लिए जटिल प्रक्रियाओं की आवश्यकता नहीं होती।
उच्च ऊष्मा मूल्य
- द्रवित पेट्रोलियम गैस (LPG) के उपयोग से ऊर्जा लागत कम होती है क्योंकि यह बहुत कुशल और प्रभावी ढंग से जलता है। इसके अलावा, इसकी उपलब्धता और वितरण प्रणाली इसे किफायती बनाती है।
- LPG को बायोगैस के रूप में नवीकरणीय स्रोतों से भी प्राप्त किया जा सकता है, जो इसे और भी अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाता है।
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द्रवित पेट्रोलियम गैस के सुरक्षा उपाय
LPG ईंधन सुरक्षित, कुशल और विश्वसनीय हो सकते हैं लेकिन इनका प्रबंधन, परिवहन और भंडारण उचित तरीके से किया जाना चाहिए अन्यथा ये खतरनाक हो सकते हैं। (LPG) का उपयोग सुरक्षित और प्रभावी ढंग से करने के लिए निम्नलिखित सुरक्षा उपायों का पालन करना आवश्यक है।
सुरक्षित भंडारण
- एलपीजी को अन्य ज्वलनशील या दहनशील पदार्थों के पास इस्तेमाल, संभालना या संग्रहीत न करें। यदि रिसाव होता है तो गैस प्रज्वलित हो सकती है और आग लग सकती है।
- द्रवित पेट्रोलियम गैस (LPG) सिलेंडरों को हमेशा सीधा खड़ा करके रखें। इन्हें कभी भी लिटाकर नहीं रखना चाहिए।
- सिलेंडरों को अच्छी वेंटिलेशन वाले स्थान पर रखें, ताकि किसी भी रिसाव की स्थिति में गैस फैल जाए और दुर्घटना न हो।
लीकेज का पता
- उच्च गुणवत्ता वाले रेगुलेटर और होज़ का उपयोग करें और इन्हें समय-समय पर जांच करते रहें।
- भंडारण और उपयोग के स्थान पर उचित अग्निशमन उपकरण जैसे कि फायर एक्सटिंग्विशर, रेत, और पानी की बाल्टियां उपलब्ध रखें।
- जहां संभव हो, ऑटोमेटिक शट-ऑफ वाल्व का उपयोग करें जो किसी भी लीकेज की स्थिति में गैस को तुरंत बंद कर सके।
गंध की पहचान
- LPG में एथिल मर्कैप्टन मिलाया जाता है जो एक तीव्र गंध देता है। अगर आपको गंध महसूस हो तो तुरंत जांच करें।
- साबुन और पानी का मिश्रण सिलेंडर के वाल्व और कनेक्शन पर लगाकर बुलबुले बनने की जांच करें। बुलबुले बनने पर लीकेज होता है।
निष्कर्ष
द्रवित पेट्रोलियम गैस (LPG) एक अत्यधिक उपयोगी और बहुउद्देश्यीय ईंधन है जो विभिन्न घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक और कृषि कार्यों में व्यापक रूप से प्रयोग किया जाता है। इस लेख में (LPG) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई है। इसके अलावा LPG कैसे बनती है, LPG के मिश्रण के बारे में बताया गया है। इस लेख में द्रवित पेट्रोलियम गैस के घटक और LPG के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई है। LPG की उच्च ऊर्जा दक्षता, पर्यावरण-अनुकूलता, और पोर्टेबिलिटी इसे घरेलू और व्यावसायिक उपयोग के लिए एक आदर्श विकल्प बनाती है। इस ब्लॉग में द्रवित पेट्रोलियम गैस का पूरा नाम जाना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
14 किलो वाला इंडियन गैस सिलेंडर कितने का है?
2025 में दिल्ली में 14 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर की कीमत 803 रुपये है. इसके अलावा कोलकाता में इसकी कीमत 829 रुपये, मुंबई में 802.50 और चेन्नई में 818.50 रुपये पर यथावत बनी हुई है.
LPG पूरा नाम क्या है?
LPG का पूरा नाम Liquefied Petroleum Gas है, जिसे हिंदी में द्रवित पेट्रोलियम गैस कहा जाता है। यह गैस मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन गैसों का मिश्रण होती है।
पेट्रोलियम गैस कैसे द्रवित होती है?
पेट्रोलियम गैस को द्रवित करने के लिए प्रोपेन और ब्यूटेन को उच्च दबाव में संपीड़ित और ठंडा किया जाता है, जिससे ये द्रव अवस्था में परिवर्तित हो जाते हैं। इस प्रक्रिया से एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas) बनाई जाती है।
द्रवित पेट्रोलियम गैस का संघटन क्या है?
द्रवित पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन गैसों का मिश्रण होती है। ये गैसें सामान्य तापमान और दबाव पर गैसीय रूप में होती हैं, लेकिन उच्च दबाव पर संपीड़ित करके इन्हें द्रव में परिवर्तित किया जाता है।
गैस सिलेंडर सब्सिडी कितनी है 2025?
2025 में, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत लाभार्थियों को प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर ₹300 की सब्सिडी मिलती है। यह सब्सिडी 12 रिफिल्स तक लागू होती है। राजस्थान में, एक नई योजना के तहत पात्र परिवारों को सिलेंडर ₹450 में उपलब्ध कराया जा रहा है।