भारत रत्न पुरस्कार भारत का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है और यह उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने देश के लिए असाधारण योगदान दिया है। भारत रत्न विजेता लिस्ट में नाम आना एक सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह पुरस्कार न केवल व्यक्तिगत सम्मान का प्रतीक है, बल्कि यह राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता और सम्मान का भी प्रतीक है। Bharat Ratna 2025 की घोषणा अभी बाकी है इसलिए हम आपको 1954 से Bharat Ratna 2024 तक के विजेता लिस्ट के बारे जानकारी दे रहे है।
इस ब्लॉग में आप भारत रत्न की शुरुआत कब हुई, भारत रत्न कब दिया जाता है, 1954 से 2024 तक के भारत रत्न विजेता के लिस्ट, सबसे पहले भारत रत्न किसे मिला, भारत रत्न का क्या महत्व है और भारत रत्न विजेता के योगदान के बारे में विस्तार से जानेंगे।
भारत रत्न का इतिहास – भारत रत्न विजेता लिस्ट
1. भारत रत्न की शुरुआत कब हुई?
2 जनवरी 1954 को भारत रत्न की शुरुआत हुई थी। जो उस वक्त के राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद द्वारा 3 महान लोगों को दिया गया था। भारत रत्न की शुरुआत का कारण महान भारतीयों को सम्मानित करना था। जिससे आने वाली पीढ़ी प्रेरणा ले सके।
2. भारत रत्न कब दिया जाता है?
भारत रत्न दिए जाने की कोई निर्धारित तिथि नहीं है। भारत रत्न के लिए चुने गए लोगों को राष्ट्रपति द्वारा किसी भी तिथि को भारत रत्न दिया जाता है।
3. भारत रत्न किसे मिलता है?
यह पुरस्कार शुरू में साहित्य, विज्ञान, कला और सार्वजनिक सेवाओं में उपलब्धियों तक ही सीमित था, लेकिन भारत सरकार ने 2011 में शर्तों को बढ़ाकर “मानव प्रयास के किसी भी क्षेत्र” को शामिल कर दिया।
ऐसा कोई लिखित प्रावधान नहीं है कि भारत रत्न केवल भारतीय नागरिकों को ही दिया जाना चाहिए। हाल ही में भारत सरकार ने भारत रत्न के लिए खेल क्षेत्र से व्यक्तियों की पात्रता के लिए दिशा-निर्देशों में बदलाव किया है।
प्रथम तीन भारत रत्न विजेता लिस्ट
- सी राजगोपालाचारी
- डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन
- डॉ. सी.वी. रमन
भारत रत्न विजेताओं की सूची | Bharat Ratna Award List
| 53 भारत रत्न विजेता लिस्ट | |||||
| क्रम सं० | वर्ष | नाम | जन्म | जीवनकाल | कार्य |
| 1 | 1954 | चक्रवर्ती राजगोपालाचारी | होसुर, तमिलनाडु | (10 December , 1878 – 25 December, 1972) | भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान, भारत के पहले भारतीय गवर्नर-जनरल |
| 2 | सर सी. वी. रमन | तिरुचिराल्ली, तमिलनाडु | (7 नवंबर 1888-21 नवंबर 1970) | भौतिकी में उत्कृष्ट योगदान, रमन प्रभाव की खोज | |
| 3 | डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन | तिरुत्तानी, तमिलनाडु | (5 सितंबर 1888 – 17 अप्रैल 1975) | महान शिक्षाविद और दार्शनिक, भारत के दूसरे राष्ट्रपति | |
| 4 | 1955 | भगवान दास | वाराणसी, उत्तर प्रदेश | (12 जनवरी 1869 – 18 सितंबर 1958) | समाज सेवा और भारतीय दर्शन में योगदान |
| 5 | मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया | मुद्देनाहल्ली, कर्नाटक | (15 सितंबर 1861 – 12 अप्रैल 1962) | इंजीनियरिंग और विकास में उल्लेखनीय योगदान | |
| 6 | पंडित जवाहरलाल नेहरू | इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश | (14 नवंबर 1889 – 27 मई 1964) | भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नेता और स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री | |
| 7 | 1957 | गोविंद बल्लभ पंत | अल्मोड़ा, उत्तराखंड | (10 सितंबर 1887 – 7 मार्च 1961) | स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और 1950 से 1954 तक उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री |
| 8 | 1958 | धोंडो केशव कर्वे | मुरुड, महाराष्ट्र | (18 अप्रैल 1858 – 9 नवंबर 1962) | समाज सुधारक और महिलाओं की शिक्षा में योगदान |
| 9 | 1961 | डॉ. बिधान चंद्र रॉय | बांकुरा, पश्चिम बंगाल | (1 जुलाई 1882 – 1 जुलाई 1962) | चिकित्सा और समाज सेवा में योगदान |
| 10 | पुरुषोत्तम दास टंडन | इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश | (1 अगस्त 1882 – 1 जुलाई 1962) | भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और हिंदी भाषा के प्रचार में योगदान | |
| 11 | 1962 | राजेन्द्र प्रसाद | जीरादेई, बिहार | (3 December , 1884 – 28 February, 1963) | बिहार के चंपारण सत्याग्रह में योगदान, भारत के पहले राष्ट्रपति (1950-62) |
| 12 | 1963 | डॉ. ज़ाकिर हुसैन | हैदराबाद, तेलंगाना | (8 फरवरी 1897 – 3 मई 1969) | शिक्षा और समाज सेवा में योगदान, भारत के तीसरे राष्ट्रपति |
| 13 | पांडुरंग वामन काणे | रत्नागिरी, महाराष्ट्र | (7 मई 1880 – 8 मई 1972) | भारतीय विधि और संस्कृति में योगदान | |
| 14 | 1966 | लाल बहादुर शास्त्री | मुग़लसराय, उत्तर प्रदेश | (2 अक्टूबर 1904 – 11 जनवरी 1966) | भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और भारत के दूसरे प्रधानमंत्री |
| 15 | 1971 | इंदिरा गांधी | इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश | (19 नवंबर 1917 – 31 अक्टूबर 1984) | भारतीय राजनीति में योगदान, भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री |
| 16 | 1975 | वी. वी. गिरी | बेरहमपुर, ओडिशा | (10 अगस्त 1894 – 23 जून 1980) | भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और भारत के चौथे राष्ट्रपति |
| 17 | 1976 | के. कामराज | विरुधुनगर, तमिलनाडु | (15 जुलाई 1903 – 2 अक्टूबर 1975) | भारतीय राजनीति में योगदान |
| 18 | 1980 | मदर टेरेसा | स्कोप्जे, मैसेडोनिया | (26 अगस्त 1910 – 5 सितंबर 1997) | समाज सेवा और गरीबों के लिए योगदान |
| 19 | 1983 | विनायक नरहरि भावे | पेन, महाराष्ट्र | (11 सितंबर 1895 – 15 नवंबर 1982) | अहिंसाऔर मानवाधिकारों के समर्थक और संस्कृतभूदान आंदोलन में शामिल |
| 20 | 1987 | अब्दुल गफ्फार खान | उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत (अब पाकिस्तान में) | (6 फरवरी 1890 – 20 जनवरी 1988) | भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में योगदान |
| 21 | 1988 | एम. जी. रामचंद्रन | नन्नीलम, तमिलनाडु | (17 जनवरी 1917 – 24 दिसंबर 1987) | भारतीय राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री में योगदान |
| 22 | 1990 | डॉ० बी. आर. अंबेडकर | महू, मध्य प्रदेश | (14 अप्रैल 1891 – 6 दिसंबर 1956) | भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान |
| 23 | नेल्सन मंडेला | म्वेज़ो, दक्षिण अफ्रीका | (18 जुलाई 1918 – 5 दिसंबर 2013) | मानवाधिकार और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान तथा साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति (1994–99) | |
| 24 | 1991 | राजीव गांधी | मुंबई, महाराष्ट्र | (20 अगस्त 1944 – 21 मई 1991) | भारतीय राजनीति में योगदान, पूर्व प्रधानमंत्री |
| 25 | सरदार वल्लभभाई पटेल | नाडियाड, गुजरात | (31 अक्टूबर 1875 – 15 दिसंबर 1950) | भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय एकता में योगदान | |
| 26 | मोरारजी देसाई | बड़ौदा, गुजरात | (29 फरवरी 1896 – 10 अप्रैल 1995) | भारत के चौथे प्रधानमंत्री (1977 to 1979) और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान | |
| 27 | 1992 | अबुल कलाम आज़ाद | मक्का, सऊदी अरब | (11 नवंबर 1888 – 22 फरवरी 1958) | भारत के पहले शिक्षा मंत्री और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में योगदान |
| 28 | जे. आर. डी. टाटा | पेरिस, फ्रांस | (29 जुलाई 1904 – 29 नवंबर 1993) | टाटा ग्रुप के वारिस, भारतीय उद्योग और व्यापार में योगदान | |
| 29 | सत्यजीत राय | कलकत्ता , पश्चिम बंगाल | (2 मई 1921 – 23 अप्रैल 1992) | लेखक, फिल्म निर्माण और गायिका में योगदान | |
| 30 | 1997 | गुलजारीलाल नंदा | सियालकोट, पाकिस्तान | (4 जुलाई 1898 – 15 जनवरी 1998) | भारतीय राजनीति और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान |
| 31 | अरुणा आसफ अली | कालका, हरियाणा | (16 जुलाई 1909 – 29 जुलाई 1996) | भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में योगदान | |
| 32 | 1998 | एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी | मदुरै , मद्रास प्रेसीडेंसी | (16 सितंबर 1916 – 11 दिसंबर 2004) | कर्नाटक शास्त्रीय संगीत में योगदान |
| 33 | चिदम्बरम सुब्रमण्यम | कोयंबटूर, तमिलनाडु | (30 जनवरी 1910 – 7 नवंबर 2000) | भारतीय कृषि में हरित क्रांति में योगदान | |
| 34 | 1999 | डॉ० अब्दुल कलाम | रामेश्वरम, तमिलनाडु | (15 अक्टूबर 1931 – 27 जुलाई 2015) | 2002 से 2007 तक भारत के ग्यारहवें राष्ट्रपति , एयरोस्पेस और रक्षा में योगदान |
| 35 | रवि शंकर | वाराणसी, उत्तर प्रदेश | (7 अप्रैल 1920 – 11 दिसंबर 2012) | भारतीय शास्त्रीय संगीत में योगदान | |
| 36 | जयप्रकाश नारायण | सारण, बिहार | (11 अक्टूबर 1902 – 8 अक्टूबर 1979) | भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और समाज सेवा में योगदान | |
| 37 | अमर्त्य सेन | शांतिनिकेत, पश्चिम बंगाल | (3 नवंबर 1933 वर्तमान) | अर्थशास्त्र में उत्कृष्ट योगदान, विशेष रूप से कल्याण अर्थशास्त्र | |
| 38 | गोपीनाथ बोरदोलोई | राहा, असम | (6 जून 1890 – 5 अगस्त 1950) | राजनीति में योगदान, असम के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया | |
| 39 | 2001 | लता मंगेशकर | इंदौर, मध्य प्रदेश | (28 सितंबर 1929 – 6 फरवरी 2022) | भारतीय संगीत में अद्वितीय योगदान |
| 40 | बिस्मिल्लाह खान | डुमरांव , बिहार और उड़ीसा प्रांत | (21 मार्च 1916 – 21 अगस्त 2006) | भारतीय संगीत में योगदान और शहनाई को लोकप्रिय बनाने का श्रेय दिया | |
| 41 | 2009 | पंडित भीमसेन जोशी | गडग, कर्नाटक | (4 फरवरी 1922 – 24 जनवरी 2011) | भारतीय शास्त्रीय संगीत में योगदान |
| 42 | 2014 | सचिन तेंदुलकर | मुंबई, महाराष्ट्र | (24 अप्रैल 1973 | क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन |
| 43 | सी. एन. आर. राव | बंगलौर, कर्नाटक | (30 जून 1934 वर्तमान) | रसायन विज्ञान में महत्वपूर्ण योगदान | |
| 44 | 2015 | अटल बिहारी वाजपेयी | ग्वालियर, मध्य प्रदेश | (25 दिसंबर 1924 – 16 अगस्त 2018) | भारतीय राजनीति में योगदान, पूर्व प्रधानमंत्री |
| 45 | मदन मोहन मालवीय | इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश | (25 दिसंबर 1861 – 12 नवंबर 1946) | शिक्षा और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में योगदान | |
| 46 | 2019 | प्रणब मुखर्जी | मिराटी, पश्चिम बंगाल | (11 दिसंबर 1935 – 31 अगस्त 2020) | भारतीय राजनीति में योगदान, पूर्व राष्ट्रपति |
| 47 | भूपेन हजारिका | सादिया, असम | (8 सितंबर 1926 – 5 नवंबर 2011) | संगीत और कला में योगदान | |
| 48 | नानाजी देशमुख | कडोली, महाराष्ट्र | (11 अक्टूबर 1916 – 27 फरवरी 2010) | समाज सेवा में महत्वपूर्ण योगदान | |
| 49 | 2024 | कर्पूरी ठाकुर | समस्तीपुर, बिहार | (24 जनवरी 1924 – 17 फरवरी 1988) | भारतीय राजनीति में योगदान, बिहार के 11वें मुख्यमंत्री |
| 50 | लाल कृष्ण आडवाणी | कराची (आज पाकिस्तान में) | (8 नवंबर 1927 वर्तमान) | भारतीय राजनीति में योगदान, भारत के 7वें उप प्रधानमंत्री। | |
| 51 | पीवी नरसिम्हा राव | वारंगल, तेलंगाना | (28 जून 1921 – 23 दिसंबर 2004) | भारत के 9वें प्रधान मंत्री | |
| 52 | चौधरी चरण सिंह | मेरठ, उत्तर प्रदेश | (23 दिसंबर 1902 – 29 मई 1987) | स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान, भारत के तीसरे उप प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के 5वें मुख्यमंत्री | |
| 53 | मनकोम्बु संबाशिवन स्वामीनाथन | कुंभकोणम, मद्रास प्रेसीडेंसी | (7 अगस्त 1925 – 28 सितंबर 2023) | हरित क्रांति और भारतीय कृषि विज्ञान में योगदान | |
सबसे पहले भारत रत्न किसे मिला?
सबसे पहले भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, सी. राजगोपालाचारी, और डॉ. चंद्रशेखर वेंकट रमन को 1954 में भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ० राजेंद्र प्रसाद द्वारा दिया गया था। यह पुरस्कार भारत की प्रगति और विकास में असाधारण योगदान देने वालों को सम्मानित करता है।
भारत रत्न पुरस्कार जीतने वाले भारतीय राष्ट्रपति
वर्ष 1954 से 2024 तक, भारत के कुछ राष्ट्रपतियों को भी भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। प्रतिष्ठित भारत रत्न पुरस्कारों के कुल 48 विजेताओं में से 6 भारतीय राष्ट्रपतियों को भारत रत्न मिला है। यहाँ उन राष्ट्रपतियों के नाम और वर्ष दिए गए हैं, जिन्हें भारत रत्न पुरस्कार मिला है।
| भारत के राष्ट्रपति(भारत रत्न से सम्मानित राष्ट्रपति) | पुरस्कार वर्ष |
| सर्वपल्ली राधाकृष्णन | 1954 |
| राजेंद्र प्रसाद | 1962 |
| जाकिर हुसैन | 1963 |
| ए. पी. जे. अब्दुल कलाम | 1997 |
| डॉ वी वी गिरि | 1975 |
| प्रणब मुखर्जी | 2019 |
भारत रत्न पुरस्कार राशि: भारत रत्न कैसा दिखता है?
भारत रत्न पुरस्कार भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान कला, साहित्य, विज्ञान, समाज सेवा और खेल के क्षेत्र में असाधारण योगदान देने वाले भारतीय व्यक्ती को दिया जाता है।
भारत रत्न पुरस्कार राशि:
- यह जानना महत्वपूर्ण है कि भारत रत्न पुरस्कार के साथ कोई भारत रत्न पुरस्कार राशि नहीं दी जाती है। सम्मानित व्यक्तियों को केवल एक पदक और एक प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है, जिसमें भारत के राष्ट्रपति का हस्ताक्षर होता है। क्योंकि ये किसी व्यक्ति के लिए पैसे से बढ़कर सम्मान की बात है।
पदक:
- तांबे के बने पीपल के पत्ते पर प्लेटिनम का चमकता हुआ सूर्य बना होता है।
- नीचे चांदी में “भारत रत्न” लिखा होता है।
- यह सफेद फीते के साथ गले में पहना जाता है।
- इसके साथ कोई भारत रत्न पुरस्कार राशि नहीं दी जाती बल्कि एक प्रमाण पत्र दिया जाता है जो राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित होता है।
एक वर्ष में कितने भारत रत्न दिये जा सकते हैं?
अधिकतम 3 लोगों को भारत रत्न से सम्मानित किया जा सकता है। 2024 में यह पुरस्कार पांच प्रतिष्ठित हस्तियों को दिया गया:
- कर्पूरी ठाकुर,
- एल. के. आडवाणी,
- पी. वी. नरसिम्हा राव,
- चरण सिंह, और
- एम. एस. स्वामीनाथन।
गौरतलब है कि भारत रत्न के लिए किसी औपचारिक सिफारिश की जरूरत नहीं होती है। भारत रत्न के लिए सिफारिशें प्रधानमंत्री द्वारा भारत के राष्ट्रपति को की जाती हैं। 2020 से 2023 तक कोई भारत रत्न पुरस्कार नहीं दिया गया था।
कुछ पुराने भारत रत्न प्राप्तकर्ताओं के उदाहरण
नीचे कुछ अन्य नाम और उनके विवरण:
| नाम | जन्मस्थान | जन्म – मृत्यु |
|---|---|---|
| Chakravarti Rajagopalachari | तमिलनाडु (British India) | 1878 – 1972 |
| Dr. Sarvepalli Radhakrishnan | तमिलनाडु (British India) | 1888 – 1975 |
| C. V. Raman | तमिलनाडु | 1888 – 1970 |
| Bhagwan Das | उत्तर प्रदेश | 1869 – 1958 |
| M. Visvesvaraya | कर्नाटक | 1861 – 1962 |
| Nanaji Deshmukh | Kadoli, Hyderabad State (अब महाराष्ट्र) | 11 अक्टूबर 1916 – 27 फरवरी 2010 |
Bharat Ratna 2024: भारत रत्न पुरस्कार लिस्ट 2024
Bharat Ratna 2024 की व्याख्या की जाए तो, इस साल Bharat Ratna 2024 में 5 लोगों को भारत रत्न पुरस्कार पुरस्कार से सम्मानित किया जाना है।
2024 में भारत रत्न विजेता: Bharat Ratna Award List 2024
| Bharat Ratna 2024 विजेता | Bharat Ratna Award List | ||
| नाम | जन्म स्थान | जीवन काल |
| कर्पूरी ठाकुर | समस्तीपुर, बिहार | (24 जनवरी 1924 – 17 फरवरी 1988) |
| लाल कृष्ण आडवाणी | कराची (आज पाकिस्तान में) | (8 नवंबर 1927 वर्तमान) |
| पीवी नरसिम्हा राव | वारंगल, तेलंगाना | (28 जून 1921 – 23 दिसंबर 2004) |
| चौधरी चरण सिंह | मेरठ, उत्तर प्रदेश | (23 दिसंबर 1902 – 29 मई 1987) |
| मनकोम्बु संबाशिवन स्वामीनाथन | कुंभकोणम, मद्रास प्रेसीडेंसी | (7 अगस्त 1925 – 28 सितंबर 2023) |
भारत रत्न 2023: एक वर्ष में कितने भारत रत्न दिए जा सकते हैं?
2023 में भारत रत्न विजेता
एक वर्ष में कितने भारतीय व्यक्ति को भारत रत्न दिए जा सकते हैं, इसकी कोई निश्चित संख्या नहीं है। नियमों के अनुसार, अधिकतम तीन लोगों को एक वर्ष में सम्मानित किया जा सकता है। लेकिन, कुछ वर्षों में किसी को भी सम्मानित नहीं किया गया है, जबकि अन्य वर्षों में तीन से अधिक लोगों को सम्मानित किया गया है। उदाहरण के लिए वर्ष 1999 में 5 भारतीय व्यक्तियों को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
यह भारत सरकार के विवेक पर निर्भर करता है कि वे कितने लोगों को सम्मानित करना चाहते हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि केवल वे ही चुने जाएं जिन्होंने वास्तव में देश के लिए असाधारण योगदान दिया है।
2023 में भारत रत्न किसी व्यक्ति को नहीं दिया गया था। 2023 से पहले 2019 में 3 व्यक्तियों को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
भारत रत्न पुरस्कार का महत्व: सर्वोच्च नागरिक सम्मान
- राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक: भारत रत्न प्राप्त करना राष्ट्र के प्रति अत्यंत समर्पण और विशिष्ट योगदान का प्रतीक है। यह सम्मान प्राप्तकर्ता को सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान करता है और उन्हें देश के वीरों और महान हस्तियों की श्रेणी में रखता है।
- प्रेरणा का स्रोत: भारत रत्न पुरस्कार विजेता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत होते हैं। उनके जीवन और कार्यों से लोग सीखते हैं और देश के प्रति अपना कर्तव्य निभाने के लिए प्रेरित होते हैं।
- राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है: यह पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करके राष्ट्रीय एकता और समावेश को बढ़ावा देता है।
- अंतरराष्ट्रीय सम्मान: भारत रत्न विजेता भारत की प्रतिष्ठा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाते हैं और देश को ज्ञान, कला और संस्कृति के क्षेत्र में अग्रणी के रूप में स्थापित करने में मदद करते हैं।
निष्कर्ष
भारत रत्न न केवल एक पुरस्कार है बल्कि, ये किसी भी भारतीय व्यक्ति के लिए सम्मान की बात है। देश के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले वीर भारतीय व्यक्तियों को हर साल इस सम्मान से सम्मानित किया जाता है, जिनसे अगली पीढ़ी प्रेरणा ले सके।
इस ब्लॉग के माध्यम से आपने शुरुआत (1954) से अब तक (2024) के भारत रत्न विजेता के बारे में जाना साथ ही आपने ये भी जाना की भारत रत्न की शुरुआत कब हुई, भारत रत्न कब दिया जाता है, सबसे पहले भारत रत्न किसे मिला, भारत रत्न पुरस्कार का क्या महत्व है और भारत रत्न विजेताओं का क्या योगदान रहता है?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
भारत रत्न पुरस्कार की घोषणा किस तिथि को की जाती है?
भारत रत्न पुरस्कार की घोषणा आमतौर पर गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के दिन की जाती है।
भारत रत्न पुरस्कार की चयन समिति में कौन-कौन शामिल होता है?
भारत रत्न पुरस्कार की चयन समिति में आमतौर पर प्रधानमंत्री, अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, और कभी-कभी विशिष्ट व्यक्तित्व शामिल होते हैं, जो उम्मीदवारों के चयन के लिए सिफारिशें तैयार करते हैं।
भारत रत्न पुरस्कार प्राप्त करने वाले व्यक्तियों को मिलने वाली पट्टिका और पदक के डिजाइन में क्या खासियत होती है?
भारत रत्न पुरस्कार का पदक सोने का होता है, जिसमें राष्ट्रीय चिन्ह और “भारत रत्न” लिखा होता है। पट्टिका पर पुरस्कार प्राप्तकर्ता का नाम और उनकी उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण होता है।
भारत रत्न पुरस्कार की चयन समिति में शामिल सदस्यों की चयन प्रक्रिया क्या होती है?
भारत रत्न पुरस्कार की चयन समिति में शामिल सदस्यों की चयन प्रक्रिया प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। चयन समिति में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ और प्रतिष्ठित व्यक्ति होते हैं, जिनकी नियुक्ति इन उच्च अधिकारियों द्वारा की जाती है।
भारत रत्न पुरस्कार के चयन में व्यक्तिगत उपलब्धियों की तुलना कैसे की जाती है?
भारत रत्न पुरस्कार के चयन में व्यक्तिगत उपलब्धियों की तुलना उस व्यक्ति के समाज में किए गए योगदान और उनके कार्यों के प्रभाव के आधार पर की जाती है। व्यक्तिगत उपलब्धियों को समाज पर पड़ने वाले प्रभाव के संदर्भ में देखा जाता है।