अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बंगाल की खाड़ी में स्थित, भारत का एक अद्भुत केंद्र शासित प्रदेश है। अंडमान निकोबार का इतिहास समृद्ध और विविध रहा है, जो विभिन्न संस्कृतियों और शक्तियों के प्रभावों को दर्शाता है।
इस ब्लॉग में आप अंडमान निकोबार का इतिहास, अंडमान निकोबार की राजधानी, अंडमान निकोबार का खान पान, अंडमान निकोबार का पहनावा, अंडमान निकोबार द्वीप समूह में कितने दीप हैं और अंडमान निकोबार टूर पैकेज के बारे में विस्तार से जानेंगे।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की जानकारी | andaman and nicobar in hindi
| देश | भारत |
| गठन | 1 नवम्बर 1956 |
| राजधानी और सबसे बड़ा शहर | पोर्ट ब्लेयर |
| जिले | 3 |
| क्षेत्रफल | 3,185 वर्गमील |
| राजभाषा | हिन्दी, अंग्रेज़ी |
| बोली जाने वाली भाषाएं | करेन, बंगाली, तमिल, तेलुगू, हिन्दी, निकोबारी, मलयालम, सादरी, कुड़ुख, मुण्डा, खड़िया |
| वेबसाइट | www.andaman.gov.in |
अंडमान निकोबार का इतिहास | History of Andaman and Nicobar
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर कई साम्राज्य जैसे मराठा, डेन, अंग्रेज़ और जापानी ने शासन किया है।
- आज़ादी के बाद, यह भारत का केंद्र शासित प्रदेश बना।
- पहली शताब्दी में इस द्वीप समूह को “अगादेमन” के नाम से जाना जाता था।
- 13वीं शताब्दी में मार्को पोलो ने इस द्वीप समूह का दौरा किया और इसे “अंगामानियण” के नाम से वर्णित किया।
- 19वीं शताब्दी में अरब भ्रमणकारियों ने भी इन द्वीपों का दौरा किया था।
- अंडमान में कॉलोनी स्थापित करने का निर्णय ईस्ट इंडिया कंपनी ने लिया था।
- 1789 में लेफ़्टिनेंट ऑर्किबाल्ड ब्लेयर ने अंडमान पहुंचकर बंदरगाह का नाम तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड कॉर्नवालिस के नाम पर रखा था।
- द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, जापान ने इस पर कब्ज़ा कर लिया था।
- कुछ समय के लिए यह द्वीप नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आज़ाद हिन्द फ़ौज के अधीन भी था।
- 23 दिसंबर, 2004 को सुनामी लहरों ने इस द्वीप समूह को भयानक रूप से प्रभावित किया, जिसमें 6,000 से अधिक लोग मारे गए थे।
- 1 नवंबर, 1956 को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया।
क्षेत्रफल और भौगोलिक स्थिति
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भारत का एक केंद्र शासित प्रदेश है जो बंगाल की खाड़ी में स्थित है। इसका कुल क्षेत्रफल 8,249 वर्ग किलोमीटर है। यह दो द्वीप समूहों से मिलकर बना है:
- अंडमान द्वीप समूह: 6,408 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला उत्तरी भाग।
- निकोबार द्वीप समूह: 1,841 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला दक्षिणी भाग।
भौगोलिक स्थिति:
अंडमान निकोबार की भौगोलिक स्थिति बंगाल की खाड़ी में, भारत के पूर्वी तट से लगभग 1,200 किलोमीटर दूर है। इसके दक्षिण में हिंद महासागर स्थित है और अन्य 3 दिशाओं में बंगाल की खाड़ी है।
- अक्षांश: 6° 45′ N से 13° 45′ N
- देशांतर: 92° 30′ E से 96° 15′ E
प्रमुख द्वीप
अंडमान निकोबार के प्रमुख द्वीपों में उत्तरी अंडमान, मध्य अंडमान, दक्षिण अंडमान, लिटिल अंडमान, और निकोबार द्वीप समूह के कुछ प्रमुख द्वीप जैसे कार निकोबार और ग्रेट निकोबार शामिल हैं। ये द्वीप अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध जीव-जंतु जगत के लिए जाने जाते हैं।
अंडमान निकोबार द्वीप समूह में कितने दीप है? | How many islands are there in Andaman Nicobar Islands?
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 836 द्वीप, द्वीपखंड और चट्टानें हैं। लेकिन, इनमें से सभी द्वीप आबाद नहीं हैं। केवल 38 द्वीपों पर ही लोग स्थायी रूप से रहते हैं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को दो भागों में बांटा गया है:
- अंडमान द्वीप समूह: इसमें 572 द्वीप, द्वीपखंड और चट्टानें हैं।
- निकोबार द्वीप समूह: इसमें 264 द्वीप, द्वीपखंड और चट्टानें हैं।
निकोबार द्वीप समूह के दक्षिणी भाग में स्थित कुछ द्वीपों को छोड़कर, अधिकांश द्वीप घने जंगलों से ढके हुए हैं।
अंडमान द्वीप के साथ नेताजी का सम्बन्ध | Netaji’s connection with Andaman Islands
नेताजी सुभाष चंद्र बोस का अंडमान द्वीप समूह से गहरा ऐतिहासिक और क्रांतिकारी संबंध रहा है।
- अज़ाद हिंद फौज का गठन:
- 1942 में, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, जापानियों ने अंडमान पर कब्जा कर लिया था। नेताजी ने इस अवसर का उपयोग करते हुए, अंडमान को भारत का स्वतंत्र क्षेत्र घोषित किया।
- 30 दिसंबर 1943 को, उन्होंने पोर्ट ब्लेयर में तिरंगा फहराकर अज़ाद हिंद फौज का झंडा फहराया।
- अंडमान को “स्वराज द्वीप” नाम दिया गया और इसका प्रशासन अज़ाद हिंद फौज के हाथों में सौंप दिया गया।
- क्रांतिकारी सरकार:
- नेताजी ने अंडमान में एक क्रांतिकारी सरकार का गठन किया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री का पदभार संभाला।
- उन्होंने कई सामाजिक सुधारों की शुरुआत की, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय में समानता लाना।
- विरासत:
- आज भी, अंडमान में नेताजी की विरासत को याद किया जाता है। अंडमान निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में, जहाँ उन्होंने तिरंगा फहराया था, उसे “नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप” नाम दिया गया है।
अंडमान निकोबार की सामाजिक और सांस्कृतिक विशेषता | Features of Andaman Nicobar
अंडमान निकोबार द्वीप की कई सामाजिक और सांस्कृतिक विशेषताएं हैं। जो यहां के जनजातियों, अंडमान निकोबार का खान पान, अंडमान निकोबार का पहनावा और यहां की संस्कृति में देखने को मिलती हैं।
जनजातियाँ और उनकी संस्कृति
अंडमान द्वीपों की जनजातियाँ और उनकी संस्कृति बहुत खास और विविधतापूर्ण हैं। यहां की प्रमुख जनजातियों में ग्रेट अंडमानी, ओंगे, जारवा, और सेंटीनेली शामिल हैं। ये जनजातियाँ अपनी पारंपरिक जीवनशैली, जैसे कि शिकार, मछली पकड़ना और जंगल में रहना, के लिए जानी जाती हैं।
इनकी संस्कृति में नृत्य, संगीत, और पारंपरिक कला का महत्वपूर्ण स्थान है। वे प्रकृति के करीब रहते हैं और अपनी अनूठी भाषा, रीति-रिवाज, और मान्यताओं को संजोए हुए हैं। उनके साथ बातचीत और संपर्क में काफी सतर्कता बरती जाती है ताकि उनकी संस्कृति और जीवनशैली को संरक्षित किया जा सके।
उत्सव और पर्व
अंडमान द्वीप पर कई उत्सव और पर्व मनाए जाते हैं जो यहां की सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि को दर्शाते हैं। सबसे प्रमुख उत्सवों में से एक है “द्वीप पर्यटन महोत्सव”, जो हर साल दिसंबर-जनवरी में होता है। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत, नृत्य और विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं।
इसके अलावा, जनमाष्टमी, दीपावली, ईद, और क्रिसमस जैसे पारंपरिक त्योहार भी धूमधाम से मनाए जाते हैं। इन त्योहारों के दौरान द्वीपों पर रौनक और उत्साह का माहौल होता है, जो यहाँ के लोगों की मिलनसार और उत्साही प्रकृति को दर्शाता है।
अंडमान निकोबार का खान पान
अंडमान निकोबार का खान-पान विविधता से भरपूर है, अंडमान निकोबार का खान पान में समुद्री भोजन खासतौर पर लोकप्रिय है। यहाँ की प्रमुख डिशेज़ में मछली, केकड़ा, झींगा, और सीप शामिल हैं। इसके अलावा, अंडमान निकोबार का खान पान में स्थानीय व्यंजन जैसे राइस (चावल), करी, नारियल के दूध से बनी डिशेज़ और ताज़े फलों का भी खूब आनंद लिया जाता है। अंडमान निकोबार का खान पान में भारतीय, थाई, और बर्मी प्रभाव भी देखने को मिलता है।
अंडमान निकोबार का पहनावा
अंडमान निकोबार का पहनावा बहुत ही सरल और पारंपरिक होता है। वे अक्सर प्राकृतिक सामग्री जैसे पत्तों और पेड़ों की छाल से बने वस्त्र पहनते हैं। अंडमान निकोबार का पहनावा वस्त्र मौसम और कार्यों के अनुसार बदलते रहता है।
आधुनिक समय में, शहरों में रहने वाले लोग आमतौर पर साधारण भारतीय परिधान जैसे साड़ी, धोती, शर्ट और पैंट पहनते हैं। लेकिन, जनजातियों की पारंपरिक पोशाकें उनकी संस्कृति और जीवनशैली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो उन्हें बाकी दुनिया से अलग और विशेष बनाती हैं।
अंडमान निकोबार का प्राकृतिक सौंदर्य | Natural beauty of Andaman and Nicobar
अंडमान निकोबार के समुद्र तट, प्रकृति और रिसॉर्ट्स यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को और अधिक बढ़ाते हैं।
समुद्र तट और रिसॉर्ट्स
- स्वच्छ नीले पानी: चमकदार नीले रंग का साफ पानी, जो समुद्री जीवन से भरा हुआ है। स्नोर्कलिंग, स्कूबा डाइविंग और अन्य जल क्रीड़ाओं का आनंद लेने के लिए आमंत्रित करता है।
- सफेद रेत वाले समुद्र तट: नरम, सफेद रेत वाले समुद्र तटों पर अच्छा दृश्य और सूर्य की किरणों का आनंद मिलता है।
- विविध प्रकार के समुद्री जीव: रंगीन मछलियों से लेकर विशाल व्हेल तक, यहां अद्भुत समुद्री जीवों की एक विस्तृत श्रृंखला देखने को मिलती हैं।
इनके अलावा अंडमान निकोबार द्वीप में समुद्र तट के निकट कई रिसॉर्ट्स भी हैं, जहां से समुद्र तट का खूबसूरत दृश दिखाई देता है जो पर्यटन की पहली पसंद होती हैं।
प्राकृतिक सुंदरता
- घने जंगल: द्वीप समूह घने, हरे-भरे जंगलों से ढके हुए हैं जो विभिन्न प्रकार के पेड़ों, पौधों और जानवरों का घर हैं।
- विशिष्ट प्रजातियाँ: यहाँ अद्वितीय और दुर्लभ प्रजातियाँ जैसे अंडमान निकोबार हाथी, निकोबार हॉर्नबिल और समुद्री कछुए देखने को मिलेंगे।
- राष्ट्रीय उद्यान: कई राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता को संरक्षित करते हैं।
- ज्वालामुखी द्वीप: रोमांच चाहने वालों के लिए, यहां सक्रिय और विलुप्त ज्वालामुखी द्वीपों का पता लगाने का अवसर है।
- गुफाएं: चूना पत्थर की गुफाएं प्राकृतिक चमत्कार हैं जो रहस्य और रोमांच से भरी हुई हैं।
- झरने: छिपे हुए झरने आपको शांत और लुभावना दृश्य प्रदान करते हैं।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के त्यौहार | Festivals of Andaman and Nicobar Islands
1. द्वीप पर्यटन महोत्सव
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह अपनी विविध संस्कृतियों के लिए प्रसिद्ध हैं, जो आकर्षक त्योहारों और मेलों के माध्यम से जीवंत हो उठते हैं, जिसमें द्वीप पर्यटन महोत्सव भी शामिल है, जो अंडमान निकोबार के सबसे प्रतीक्षित त्योहारों में से एक है। जनवरी में लगभग 15 दिनों तक हर साल मनाया जाने वाला यह त्यौहार द्वीपों की समृद्ध विरासत को दर्शाता है।
2. मानसून संगीत महोत्सव
मानसून संगीत महोत्सव एक ऐसा महोत्सव है जो हर साल अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में आयोजित किया जाता है। यह महोत्सव मानसून के मौसम का जश्न मनाता है और स्थानीय संगीत और संगीतकारों को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। इसमें शास्त्रीय, लोक और समकालीन संगीत सहित विभिन्न प्रदर्शन शामिल हैं।
3. सुभाष मेला
सुभाष मेला एक ऐसा त्यौहार है जो नेताजी सुभाष चंद्र बोस की याद में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मनाया जाता है। यह त्यौहार 23 जनवरी को बोस के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है और इसमें विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनियाँ और खेल गतिविधियाँ शामिल होती हैं। यह त्यौहार स्थानीय निवासियों के साथ-साथ आगंतुकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण आयोजन है।
4. ओस्सुअरी पर्व
ग्रेट अंडमानी द्वीप के स्वदेशी जनजाति द्वारा मनाया जाने वाला यह त्योहार अपने पूर्वजों और मृत आत्माओं की याद में मनाया जाता है। इस त्योहार में वे अपने पूर्वजों की हड्डियों को संग्रहित करते हैं और विभिन्न अनुष्ठान करते हैं।
5. बीच फेस्टिवल
नवंबर या दिसंबर में आयोजित होने वाला बीच फेस्टिवल एक जीवंत उत्सव है जो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के खूबसूरत समुद्र तटों पर होता है। यह त्यौहार बेहतरीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खाद्य उत्सवों और रोमांचक साहसिक खेल गतिविधियों को एक साथ लाता है। इन उत्सवों की मेजबानी करने वाले कुछ प्रतिष्ठित समुद्र तटों में लुभावने राधानगर बीच, शांत हाथी बीच और सुरम्य कालापत्थर बीच शामिल हैं।
अंडमान और निकोबार के पर्यटन स्थल | Tourist Places in Andaman and Nicobar
अंडमान निकोबार में कई पर्यटन स्थल हैं जिनमें से कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल सेलुलर जेल, रॉस आइलैंड और हैवलॉक आइलैंड माने जाते हैं।
सेलुलर जेल
अंडमान निकोबार का सेलुलर जेल, जिसे ‘काला पानी’ भी कहा जाता है, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थल रहा है। यह जेल ब्रिटिश शासन के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों को कैद करने के लिए बनाई गई थी। सेलुलर जेल का निर्माण 1906 में हुआ था। इसमें 693 कोशिकाएँ (सेल) हैं, जिनमें से हर एक में केवल एक ही कैदी रखा जाता था। पानी के बीचों बीच यहां बंद कैदियों को कठोर यातनाएँ दी जाती थीं, ताकि वे स्वतंत्रता की मांग छोड़ दें।
रॉस आइलैंड
रॉस आइलैंड, जिसे अब नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप कहा जाता है, अंडमान निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर के पास स्थित है। यह द्वीप कभी ब्रिटिश शासन का प्रशासनिक केंद्र था। अब यह ऐतिहासिक खंडहरों, पुराने चर्च, और सुंदर बगीचों के लिए मशहूर है।
हैवलॉक आइलैंड
हैवलॉक आइलैंड, अंडमान निकोबार का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जो अपनी सुंदर समुद्र तटों, रिसॉर्ट्स और स्वच्छ पानी के लिए प्रसिद्ध है। राधानगर बीच यहां का सबसे लोकप्रिय समुद्र तट है, जिसे एशिया का सबसे अच्छा समुद्र तट माना जाता है। यह आइलैंड स्नॉर्कलिंग, स्कूबा डाइविंग और कयाकिंग जैसी जल क्रीड़ाओं के लिए भी जाना जाता है।
अन्य स्थल
- पोर्ट ब्लेयर: अंडमान निकोबार की राजधानी, जहां आप संग्रहालयों, बाजारों और चर्चों का भ्रमण कर सकते हैं।
- राधा नगर समुद्र तट: सफेद रेत और फ़िरोज़ी पानी वाला विश्व प्रसिद्ध समुद्र तट।
- कॉर्नवालिस द्वीप: एक ऐतिहासिक द्वीप, जहां आप एक पुराने जेल और समुद्री तोपों के अवशेष देख सकते हैं।
- बरटांग द्वीप: अपने प्राचीन आदिवासी ग्रामों और समृद्ध संस्कृति के लिए जाना जाता है।
- ग्रेट निकोबार: निकोबार द्वीप समूह का सबसे बड़ा द्वीप, जहां आप घने जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और शांत समुद्र तटों का पता लगा सकते हैं।
अंडमान और निकोबार में आर्थिक गतिविधियाँ
अंडमान निकोबार द्वीप की आर्थिक गतिविधियों में मत्स्य उद्योग और पर्यटन उद्योग सबसे प्रसिद्ध और प्रमुख हैं।
- मत्स्य उद्योग: मछली पकड़ना द्वीप समूह के लोगों के लिए आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत रहा है। विभिन्न प्रकार की मछलियों और समुद्री खाद्य पदार्थों का यहां निर्यात किया जाता है।
- पर्यटन उद्योग: यह द्वीप समूह अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध समुद्री जीवन और ऐतिहासिक महत्व के कारण पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय स्थान है। होटल, रिसॉर्ट, रेस्तरां और परिवहन सेवाएं पर्यटन उद्योग का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
अंडमान और निकोबार यात्रा की जानकारी
अंडमान निकोबार द्वीप जाने की तैयारी करने से पहले ये जानना जरूरी है कि अंडमान निकोबार द्वीप कैसे पहुंचें और वहां रहने की क्या व्यवस्था है?
कैसे पहुँचे?
- हवाई यात्रा: चेन्नई, कोलकाता, नई दिल्ली और भुवनेश्वर के हवाईअड्डों से आप अंडमान निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में स्थित, वीर सावरकर एयरपोर्ट, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंच सकते हैं।
- जहाज यात्रा: जहाज सेवा के माध्यम से चेन्नई, कोलकाता और विशाखापत्तनम से पोर्ट ब्लेयर के लिए जाया जाता है। चेन्नई और कोलकाता से महीने में 3-4 बार जहाज अंडमान निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर के लिए यात्रा करती है। वहीं, विशाखापत्तनम से महीने में केवल एक बार ही जहाज पोर्ट ब्लेयर को जाती है। यह उचित मौसम में लगभग 50-60 घंटे की यात्रा होती है।
रहने की व्यवस्था
रहने के लिए आप वहां होटल या अंडमान और निकोबार के रिजॉर्ट बुक कर सकते हैं, जिसकी प्राइस ₹2000-7500/रात हो सकती है। जहां आपके रहने और खाने की व्यवस्था उपलब्ध हो जाएंगी।
अंडमान निकोबार टूर पैकेज
अंडमान और निकोबार की यात्रा करने के लिए अंडमान निकोबार टूर पैकेज करीब ₹50000-70000/ व्यक्ति तक का हो सकता है। ये सिर्फ अनुमानित है, अंडमान निकोबार टूर पैकेज ज्यादा भी हो सकता है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 30 प्रमुख पर्यटन स्थल
1–10: प्रमुख समुद्र तट (Beaches)
- राधानगर बीच (हैवलॉक द्वीप)
- एलिफेंट बीच
- कालापत्थर बीच
- कार्मल बीच (दिगलीपुर)
- चिड़िया टापू बीच
- वाइपर आइलैंड बीच
- मरिना पार्क और बीच (पोर्ट ब्लेयर)
- लॉन्ग आइलैंड बीच
- बालू बस्ती बीच (निकोबार)
- रामनगर बीच (दिगलीपुर)
11–20: द्वीप और प्राकृतिक स्थल
- हैवलॉक द्वीप (अब स्वराज द्वीप)
- नील द्वीप (अब शहीद द्वीप)
- रॉस आइलैंड (अब नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप)
- वाइपर आइलैंड
- बाराटांग द्वीप
- नार्थ बे आइलैंड
- स्मिथ आइलैंड
- रॉस एंड स्मिथ आइलैंड
- दिगलीपुर
- ग्रेट निकोबार द्वीप
21–30: ऐतिहासिक और अन्य दर्शनीय स्थल
- सेल्युलर जेल (काला पानी)
- एंथ्रोपोलॉजिकल म्यूज़ियम
- समुंद्रिका मरीन म्यूज़ियम
- छठवीं जेल परिसर संग्रहालय
- चथम सॉ मिल
- महात्मा गांधी मरीन नेशनल पार्क
- माउंट हैरियट नेशनल पार्क
- लाइमस्टोन केव्स (बाराटांग)
- मड वोल्कैनो (बाराटांग)
- जॉली बाय आइलैंड
1. अंडमान-निकोबार की जैव विविधता और संरक्षण
- यहाँ का लगभग 86% क्षेत्र जंगलों से ढका हुआ है।
- 2,200 से अधिक पौधों की प्रजातियाँ मिलती हैं, जिनमें से लगभग 200 केवल यहीं पाई जाती हैं।
- पक्षियों की 270 प्रजातियाँ, जिनमें से 90 प्रजातियाँ स्थानीय (एंडेमिक) हैं।
- समुद्री जीवन – 200+ कोरल प्रजातियाँ, डुगोंग (समुद्री गाय), समुद्री कछुए, डॉल्फ़िन, और व्हेल।
- महत्वपूर्ण संरक्षित क्षेत्र:
- माउंट हैरियट (अब माउंट मणिपुर) नेशनल पार्क – ₹20 के नोट पर छपी तस्वीर यहीं से ली गई थी।
- ग्रेट निकोबार बायोस्फीयर रिज़र्व – जिसमें विशाल केकड़े, लेदरबैक कछुए और शॉम्पेन जनजाति का निवास है।
- कथबर्ट बे वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी – ऑलिव रिडले और ग्रीन टर्टल्स का प्रजनन स्थल।
2. पर्यटन से जुड़ी ताज़ा जानकारी
- वर्ष 2024 में कुल 7.2 लाख से अधिक पर्यटक यहाँ आए, जिनमें लगभग 11,500 विदेशी पर्यटक थे।
- 2023 की तुलना में घरेलू पर्यटकों में 120% की वृद्धि और विदेशी पर्यटकों में 27% की वृद्धि दर्ज हुई।
- अनुमान है कि 2025 में पर्यटकों की संख्या और 25% बढ़ सकती है, क्योंकि यहाँ नई सुविधाएँ विकसित हो रही हैं।
3. जनजातियाँ और स्थानीय जीवन
- अंडमान में जारवा, सेंटीनेली (जिनसे बाहरी संपर्क वर्जित है), और ओंगे जैसी आदिवासी जनजातियाँ रहती हैं।
- निकोबार में शॉम्पेन और निकोबारी समुदाय रहते हैं, जो पारंपरिक जीवन शैली को बनाए हुए हैं।
- यहाँ के लोग प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर समुद्र और जंगल से अपना जीवन यापन करते हैं।
4. इतिहास और रणनीतिक महत्व
- इन द्वीपों का उल्लेख प्राचीन ग्रंथों और यूरोपीय यात्रियों के लेखों में मिलता है।
- अंग्रेजों ने 1789 में यहाँ अपनी बस्ती बसाने की कोशिश की थी।
- सेल्युलर जेल (कालापानी) स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जुड़ा प्रमुख स्मारक है।
- सामरिक दृष्टि से ये द्वीप हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक चौकी माने जाते हैं।
निष्कर्ष
अंडमान निकोबार द्वीप समूह न सिर्फ अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसके हर द्वीप में छिपी है एक अनोखी कहानी। यहाँ की सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक महत्व, और अद्वितीय पर्यटन स्थलों ने इसे पर्यटकों के लिए रोचक बना दिया है। चाहे आप रोमांचक जल क्रीड़ाओं के शौकीन हों या शांति की तलाश में, अंडमान निकोबार हर किसी के लिए कुछ खास पेश करता है।
इस ब्लॉग के माध्यम से आपने अंडमान निकोबार का इतिहास, अंडमान निकोबार का खान पान, अंडमान निकोबार का पहनावा, अंडमान निकोबार की राजधानी, अंडमान निकोबार द्वीप समूह में कितने दीप हैं और अंडमान निकोबार टूर पैकेज के बारे में विस्तार से जाना।
यह भी पढ़ें- इंदिरा पॉइंट: निकोबार द्वीपसमूह का एक गांव
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
अंडमान निकोबार कौन से देश में आता है?
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह भारत का एक केंद्र शासित प्रदेश है। यह हिंद महासागर में बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी भाग में स्थित है।
अंडमान निकोबार जाने में कितना खर्चा आएगा?
अंडमान निकोबार जाने का खर्च आपके यात्रा के समय, यात्रा के प्रकार (हवाई जहाज, जहाज), रहने की जगह, खाने-पीने और अन्य गतिविधियों पर निर्भर करता है। औसतन, एक व्यक्ति के लिए 5-7 दिन की यात्रा में 20,000 से 40,000 रुपये का खर्च आ सकता है।
अंडमान निकोबार जाने के लिए कैसे जाएं?
भारत की मुख्य भूमि से अंडमान पहुँचने का सबसे तेज़ तरीका हवाई जहाज़ से यात्रा करना है। आप कोलकाता, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, दिल्ली और विजाग से सीधी उड़ान लेकर 2.5 से 3.5 घंटे में अंडमान पहुँच सकते हैं! देश के अन्य हवाई अड्डों से भी कनेक्टिंग उड़ानें उपलब्ध हैं।
अंडमान एवं निकोबार क्यों प्रसिद्ध है?
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह अपनी प्राकृतिक सुंदरता, खूबसूरत समुद्र तटों, समृद्ध समुद्री जीवन और विविध संस्कृतियों के लिए प्रसिद्ध है। यहां आप स्कूबा डाइविंग, स्नॉर्कलिंग, ट्रेकिंग, कैनोइंग और अन्य साहसिक गतिविधियाँ कर सकते हैं।
अंडमान निकोबार में कौन सी भाषा बोली जाती है?
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की अधिकांश आबादी हिंदी और बंगाली का मिश्रण बोलती है, जिसे “बंगाली हिंदी” के रूप में जाना जाता है। अंग्रेजी भी व्यापक रूप से बोली जाती है, खासकर पर्यटन क्षेत्रों में।
अंडमान निकोबार में कौन सी करेंसी चलती है?
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में भारतीय रुपया चलता है।
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में कौन-कौन से धर्मों के लोग निवास करते हैं?
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में विभिन्न धर्मों के अनुयायी निवास करते हैं। यहाँ प्रमुख रूप से हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और सिख धर्मों के लोग पाए जाते हैं। इसके अलावा कुछ बौद्ध और जैन धर्म के अनुयायी भी यहाँ रहते हैं। साथ ही, वहाँ की कुछ जनजातियाँ अपने पारंपरिक और आदिवासी धार्मिक विश्वासों का पालन करती हैं।
अंडमान और निकोबार का प्रमुख या पारंपरिक भोजन क्या है?
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का प्रमुख या पारंपरिक भोजन समुद्री खाद्य पदार्थों पर आधारित होता है। यहाँ मछली, झींगे (prawns), केकड़े (crabs) और अन्य समुद्री जीवों से बने व्यंजन बहुत लोकप्रिय हैं। इसके अलावा चावल, नारियल और मसालों का भी खानपान में प्रमुख स्थान है।
कुछ लोकप्रिय व्यंजन हैं:
-ग्रिल्ड या करी में बनी मछलनारियल की चटनी और नारियल आधारित सब्ज़ियाँ
-सीफूड थाली
-बेंगाली और दक्षिण भारतीय व्यंजनों का मेल भी देखने को मिलता है|
यहाँ की भोजन शैली पर बंगाली, तमिल, तेलुगु, और निकोबारी जनजातियों का प्रभाव देखने को मिलता है।
क्या अंडमान द्वीपसमूह तक ट्रेन से पहुँचा जा सकता है?
नहीं, आप सीधे ट्रेन से अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह नहीं पहुँच सकते। यह द्वीपसमूह समुद्र के बीच स्थित है, और यहाँ कोई रेलवे नेटवर्क नहीं है। इसलिए, ट्रेन से यात्रा संभव नहीं है।
हालांकि, आप ट्रेन से भारतीय मुख्यभूमि के किसी प्रमुख बंदरगाह शहर, जैसे चेन्नई, कोलकाता, या विशाखापत्तनम तक पहुँच सकते हैं। इसके बाद, इन शहरों से आप जहाज या विमान के माध्यम से अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह तक पहुँच सकते हैं।